June 18, 2019
Category: Ancient India

शक वंश भारत में शक राजा स्वयं को 'क्षत्रप' कहते थे । शक मूलतः मध्य एशिया के सरदारिया नामक स्थान के निवासी थे। इन्हे 'सिथियन' भी कहा जाता है । भारत में शकों की ...

कलचुरी वंश कलचुरी वंश का संस्थापक कोक्कलदेव था । इसकी राजधानी त्रिपुरी थी । कलचूरी शासक गांगेयदेव ने 'विक्रमादित्य'  की उपाधि धारण की । लक्ष्मी कर्ण, कलचूरी ...

जैन धर्म के संस्थापक 'ऋषभदेव' थे । ये जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर थे । जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ थे । उनकी मूल शिक्षा सत्य, अहिंसा, अस्तेय व ...

वैष्णव धर्म वैष्णव धर्म का विकास भागवत धर्म से हुआ, जिसके प्रवर्तक " वासुदेव कृष्ण' थे । भागवत विष्णु को इष्टदेव मानने वाले भक्त 'वैष्णव' कहलाए । विष्णु के दस ...

पुराणों के अनुसार, मगध के सबसे प्राचीन राजवंश का संस्थापक  था । इसकी राजधानी गिरिव्रज थी । बृहद्रथ का पुत्र जरासंध, इस वंश का एक प्रतापी शसक था । बौद्ध ग्रंथों ...

शिशुनाग ने हर्यंक वंश के अन्तिम शासक "नागदशक" को हराकर 412 ईसा पूर्व में मगध में शिशुनाग वंश की स्थापना की । इसने मगध की राजधानी वैशाली को बनायी । इसके शासनकाल ...

चंद्रगुप्त मौर्य नंद शासक धनानंद को मार कर  321 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की । चाणक्य, चंद्रगुप्त मौर्य का प्रधानमंत्री था । उसने राजनीति पर ...

पुष्यमीत्र शुंग ने मौर्य वंश के अंतिम शासक बृहदथ की हत्या कर 185 ईसा पूर्व मे मगध मे शुंग वंश की स्थापना की । पुष्यमीत्र शुंग  ने यवनो को पराजित किया । इसने ...

सातवाहन वंश की स्थापना सिमुक ने अंतिम कण्व शासक सुशर्मा की हत्या करके की । आन्ध्र सातवाहनों ने अपनी राजधानी महाराष्ट्र के "प्रतिष्ठान' में स्थापित की । ...

कुषाण वंश का संस्थापक ‘कुजुल कडफिसस’ था । कुषाण 'यू-ची' जाति की एक शाखा थी । कुजुल कडफिसस ने केवल तांबे के सिक्के चलाए । इस वंश का सर्वाधिक प्रतापी शासक ...