July 16, 2019
Category: Indian Constitution

बुनियादी अधिकारों को नागरिकों के मूल मानवाधिकारों के रूप में माना जाता है। ये अधिकार राज्यों के लिए अपने नागरिकों के लिए एक दायित्व भी हैं। यह नागरिक ...

मूलभूत कर्तव्यों को देशभक्ति और भारत की एकता को बढ़ावा देने के लिए सभी नागरिकों द्वारा नैतिक कर्तव्यों के रूप में माना जाता है। यह मूल संविधान में उपलब्ध नहीं ...

राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत सरकार द्वारा कानून बनाने के लिए दिशा निर्देश हैं। राज्य नीति के निर्देश सिद्धांतों का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र ...

भारतीय संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा 2 वर्ष 11महीनें तथा 18दिन में किया गया। संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर नवम्बर 1946ई. ...

संविधान की प्रस्तावना को “संविधान की कुंजी”कहा जाता है। संविधान की प्रस्तावना में संविधान के ध्येयऔर इसके आदर्शों का विवरण है। सर्वोच्य न्यायालय ने केशवानन्द ...

भारतीय संविधान में मूल रूप से आठ कार्यक्रम थे। यह अब विभिन्न संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से बारह तक बढ़ गया है। संविधान में प्रथम संशोधन अधिनियम 1 9 51 से ...

भारतीय संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा 2 वर्ष 11 महीनें तथा 18 दिन में किया गया । संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर नवम्बर ...

संविधान की प्रस्तावना को “संविधान की कुंजी” कहा जाता है । संविधान की प्रस्तावना में संविधान के ध्येय और इसके आदर्शों का विवरण है । सर्वोच्य न्यायालय ने ...

मूल संविधान में मौलिक कर्तव्य शामिल नहीं था । सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा संविधान में 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े ...

राज्य की नीति निर्देशक तत्व संविधान के भाग 4 में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित है । 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा संविधान में नए नीति निर्देशक तत्व ...