June 18, 2019

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

संविधान की प्रस्तावना को “संविधान की कुंजी”कहा जाता है। संविधान की प्रस्तावना में संविधान के ध्येयऔर इसके आदर्शों का विवरण है। सर्वोच्य न्यायालय ने केशवानन्द भारतीवाद, 1973 में कहा कि प्रस्तावना संविधान काअंग है और विधायिका इसमें संशोधन कर सकती है।

  • 1976 ई. में 42 वें संविधान संशोधन के द्वारा प्रस्तावना में  समाजवादी, पंथ निरपेक्ष एवं अखण्डता शब्द जोड़े गये।

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